कर्नल गुरबीर सिंह सरना का जन्म 10 मार्च 1966 को नई दिल्ली में हुआ था। 2006 के दौरान कर्नल गुरबीर सिंह सरना की यूनिट 29 आरआर, जम्मू-कश्मीर में तैनात थी और आतंकवाद विरोधी अभियानों में लगी हुई थी। 23 दिसंबर 2006 को उनकी यूनिट को खुफिया सूत्रों से बारामूला सेक्टर के बेहरामपुर में चार कट्टर आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिली। एक महान योद्धा सैनिक होने के नाते उन्होंने एक ऑपरेशन लॉंच किया जिसका उन्होंने स्वयं नेतृत्व किया! ऑपरेशन के दौरान भारी गोलीबारी में दौरान कर्नल गुरबीर सिंह को छह गोलियाँ लग गई और वे गंभीर रूप से घायल हो गए! परंतु उन्होंने अदम्य साहस से लड़ते हुए ३ आतंकवादियों को मार गिराया और ३ और को घायल कर दिया! परंतु वे स्वयं वीरगति को प्राप्त हो गए। कर्नल गुरबीर सिंह सरना ने एक होनहार और सच्चे सैनिक होने का परिचय दिया! उनको सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार, "कीर्ति चक्र" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। उनके भाई लेफ़्टिनेंट जनरल नवनीत सिंह सरना आज भारतीय सेना में ऊँची पदवी पर कार्यरत हैं!
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविधालय एवं समस्त सुभारती परिवार द्वारा कर्नल गुरबीर सिंह सरना को उनकी जयंती पर बारंबार नमन !




