आम जनता को यह अवगत कराना आवश्यक है कि भारत को स्वतन्त्रता बिना खड्ग, बिना ढ़ाल के ना तो मिली और ना ही एयर कन्डीशन्ड कमरों में या सभागारों में बैठकर मीठी-मीठी बातों से उसकी सुरक्षा की जा रही है। भारत को स्वतन्त्रता असंख्य वीरों के बलिदानों के फलस्वरूप मिली है एवं आज भी देश के भीतर एवं देश की सीमाओं पर उसकी प्रतिदिन सुरक्षा सिपाहियों एवं सैनिकों के बलिदानों से की जा रही है। हमारा यह दायित्व है कि हम ऐसे वीरों के परिवारों, जिन्होंने देश को स्वतन्त्रता दिलाने एवं उसकी रक्षा करने के लिए अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो समाज में विशेष सम्मान दिलवाएं एवं उनको हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराएं। ऐसे सैनिकों के परिवारों को भी उचित मान-सम्मान, संरक्षण दिलाया जाए जोकि सीमा पर विषम परिस्थितियों में रहकर भी हमारे देश की रक्षा कर रहे हैं।
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SEPOY Bhikha Ram स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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Sep Arjun Ram Baswana स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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कैप्टन अमोल कालिया,वीर चक्र (मरणोपरांत) का जन्म 26 फरवरी 1974 को पंजाब के रोपड़ जिले के नंगल शहर में हुआ था। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद सेना में शामिल हुए और उन्हें 12 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फेंट्री में नियुक्त किया गया। 1999 के दौरान कैप्टन अमोल कालिया की यूनिट को ऑपरेशन विजय के हिस्से के रूप में जम्मू-कश्मीर के बटालिक सेक्टर में तैनात किया गया था। 08 जून 1999 को कैप्टन अमोल कालिया को शिखर बिंदु 5203 पर कब्ज़ा करने का काम दिया गया जो कारगिल-यल्दोर क्षेत्र में 17000 फीट की ऊंचाई पर था। उन्होंने दुश्मन से मुकाबला किया लेकिन गहरे अंधेरे के कारण और भारी गोलाबारी के चलते वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में 09 जून 1999 वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी उत्कृष्ट बहादुरी, नेतृत्व लड़ाई की भावना और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें वीरता पुरस्कार "वीर चक्र" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया । स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
मेजर विकास यादव, सेना मैडल (मरणोपरांत) का जन्म 29 मार्च 1961 को हरियाणा में हुआ था। 26 अगस्त 1982 को वे सेना में शामिल हुए और उन्हें 7 जाट रेजिमेंट में नियुक्त किया गया। 1996 के दौरान उनकी यूनिट जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में तैनात थी और आतंकवाद विरोधी अभियानों में लगी हुई थी। 09 जून 1996 को मेजर विकास को अपनी यूनिट के उत्तरदायित्व वाले क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद एक खोज और विनाश मिशन का काम सौंपा गया । मेजर विकास अपने सैनिकों के साथ कार्रवाई में जुट गए। इसी दौरान दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई जिसमें मेजर विकास गंभीर रूप से घायल हुए और शहीद हो गए । मेजर विकास यादव को उनकी वीरता, अदम्य लड़ाई की भावना और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरुस्कार “सेना मैडल” (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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SEPOY Naresh Singh स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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SEPOY BANWARILAL BAGADIA स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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SEP MULA RAM स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
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CAPT SAURABH KALIA स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन!
Our endeavour is to spread awareness for the forthcoming generations to learn and recognise the sacrifice made by our young officers and men of the Armed Forces and an attempt to honour them by remembering them.







