सिपाही राहुल रैंसवाल, सेना मैडल (मरणोपरांत) का जन्म 01 जनवरी 1994 को उत्तराखंड के चंपावत जिले के वामनगांव तहसील के रियासी गांव में हुआ था। अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद सिपाही राहुल 19 साल की उम्र में सेना में शामिल हुए और उन्हें 18 कुमाऊं रेजिमेंट में नियुक्त किया गया जो विभिन्न ऑपरेशनों में बहादुरी के गौरवशाली इतिहास वाली एक इन्फैंट्री रेजिमेंट है । अपनी यूनिट के साथ कुछ वर्षों तक सेवा करने के बाद सिपाही राहुल को 50 राष्ट्रीय राइफल्स (आर आर ) के साथ सेवा करने के लिए नियुक्त किया गया जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए कश्मीर घाटी में तैनात थी। सिपाही राहुल ने बाद में वर्ष 2018 में सुश्री पिंकी से शादी कर ली और दंपति की एक बेटी हुई।
2019-20 के दौरान सिपाही राहुल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में तैनात 50 आरआर में कार्यरत थे। यूनिट की जिम्मेदारी का क्षेत्र उस क्षेत्र में पड़ता था जहां कई आतंकवादी सक्रिय थे। फरवरी 2019 में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया था। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए यूनिट के सैनिकों को हर समय बहुत उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखनी पड़ती थी। जनवरी 2020 के तीसरे सप्ताह में सुरक्षा बलों को पुलवामा जिले के अवंतीपुरा के ख्रीव इलाके में कुछ कट्टर आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया स्रोतों से विश्वसनीय जानकारी मिली। इनपुट का विश्लेषण करने के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के तत्वों के साथ एक संयुक्त अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। सिपाही राहुल को 50 आरआर की उस टीम का हिस्सा बनाया गया जिसने ऑपरेशन के लिए संयुक्त आक्रमण टीम बनाई थी। योजना के अनुसार ऑपरेशन 21 जनवरी 2020 को लॉन्च किया गया ।
सिपाही राहुल और उनकी टीम के सदस्य अवंतीपुरा में संदिग्ध इलाके में पहुंचे और तलाशी एवं घेराबंदी अभियान चलाया। जैसे-जैसे घेरा सख्त किया जा रहा था आतंकवादियों को ख़तरा महसूस हुआ और उन्होंने घेरा तोड़ने के लिए अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद भीषण गोलीबारी हुई। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बल दो आतंकवादियों को ढेर करने में कामयाब रहे। परन्तु गोलीबारी के दौरान सिपाही राहुल को कई गोलियां लगीं और वे गंभीर रूप से घायल हो गए । उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए तुरंत श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया जहाँ वे शहीद हो गए। सिपाही राहुल एक बहादुर और समर्पित सैनिक थे जिन्होंने 26 साल की उम्र में देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए । सिपाही राहुल रैंसवाल को उनके असाधारण साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कार "सेना मैडल " (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से सिपाही राहुल रैंसवाल, सेना मैडल (मरणोपरांत) को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !
सिपाही राहुल रैंसवाल, सेना मैडल (मरणोपरांत) के परिवार में उनकी पत्नी श्रीमती पिंकी और एक बेटी है।




