कॉर्पोरल ज्योति प्रकाश निराला, अशोक चक्र (मरणोपरांत) का जन्म 15 नवम्बर 1986 को बिहार के रोहतास जिले के बदलाडीह में हुआ था । 2005 में वे भारतीय वायुसेना में शामिल हुए । अपनी 12 साल की सेवा के दौरान कॉर्पोरल निराला ने देश के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न वायु सेना अड्डों पर सेवा की। उन्होंने 2010 में सुषमा नंद से शादी की और उनकी एक बेटी जिज्ञासा कुमारी है। बाद में उन्हें भारतीय वायुसेना के विशिष्ट गरुड़ कमांडो बल में शामिल होने के लिए चुना गया जो वायु सेना अड्डों पर शत्रुतापूर्ण हमलों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित बल था।
2016 में पठानकोट के वायु सेना बेस पर आतंकवादी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सेना की यूनिट के साथ गरुड़ बल को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया। 2017 के दौरान कॉर्पोरल निराला जम्मू-कश्मीर में स्थित 13 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ प्रशिक्षण में शामिल हुए।
18 नवम्बर 2017 को खुफिया सूत्रों से बांदीपोरा जिले के चंदरगेर गांव में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिली। स्थिति का विश्लेषण करने के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए भारतीय वायु सेना और 13 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ एक संयुक्त अभियान शुरू करने का फैसला किया। निर्दिष्ट क्षेत्र में पहुंचने पर कॉर्पोरल निराला की टुकड़ी गुप्त रूप से उस घर के पास पहुंची जिसमें संदिग्ध आतंकवादी छिपे हुए थे और करीब से घात लगाकर हमला किया। हल्की मशीन गन से लैस कॉर्पोरल निराला ने भागने के सभी रास्ते बंद करते हुए खुद को ठिकाने के करीब तैनात कर लिया।
भागने की कोशिश में छह आतंकवादी गोलीबारी करते और ग्रेनेड फेंकते हुए बाहर निकले। कॉर्पोरल निराला ने श्रेणी 'ए' के दो उग्रवादियों को मार गिराया और दो अन्य को घायल कर दिया। बदले में वे छोटे हथियारों की गोलीबारी की चपेट में आ गए। परन्तु गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद गोलीबारी करते रहे । परन्तु बाद में गंभीर रूप से घायल होने के कारन शहीद हो गए। इस ऑपरेशन में सभी छह आतंकवादी मारे गए। ऑपरेशन के दौरान मारे गए आतंकवादियों में से एक लक्सर ए तैयबा कमांडर जकी उर रहमान लखवी का भतीजा था जो 2008 के मुंबई हमलों का प्रमुख योजनाकार था। कॉर्पोरल निराला ने ऑपरेशन के दौरान उत्कृष्ट साहस और अदम्य लड़ाई की भावना का प्रदर्शन किया और देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
कॉर्पोरल ज्योति प्रकाश निराला को उनके अदम्य साहस, नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान के लिए 26 जनवरी 2018 को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार "अशोक चक्र" (मरणोपरांत) से सम्मानित किया गया।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से कॉर्पोरल ज्योति प्रकाश निराला, अशोक चक्र (मरणोपरांत) को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !




