हवलदार चौगुले जोतिबा गणपति का जन्म महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के महागाँव गाँव में हुआ था। श्री गणपति और श्रीमती वत्सला के पुत्र, हवलदार जोतिबा गणपति का एक छोटा भाई था जिसका नाम रजनीकांत था। अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद वह वर्ष-2002 में भारतीय सेना में शामिल हो गए और मराठा लाइट इन्फैंट्रीट रेजिमेंट में भर्ती हो गए । कुछ वर्षों तक सेवा करने के बाद हवलदार जोतिबा गणपति ने सुश्री यशोदा से शादी कर ली और उनके दो बेटे अथर्व और हर्ष हुए। वर्ष-2019 तक हवलदार जोतिबा गणपति ने लगभग 17 वर्षों की सेवा पूरी कर ली थी और बहुत ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में सेवा की थी।
दिसम्बर 2019 के दौरान हवलदार जोतिबा गणपति की यूनिट को लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल (एल ओ सी) के साथ जम्मू-कश्मीर के बांदीपुर जिले में तैनात किया गया । उस सेक्टर में एलओसी बहुत अस्थिर और सक्रिय थी जहां दुश्मन सेना अक्सर बिना उकसावे के गोलीबारी करती थी। विभिन्न चौकियों पर तैनात रहने के अलावा सुरक्षा बलों द्वारा निरन्तर आधार पर सशस्त्र गश्त लगाकर क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा की जाती है । 16 दिसम्बर 2019 को पाकिस्तानी बलों ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया और अकारण गोलीबारी की। यह संभवत: सीमा पार से घुसपैठ करने वालों को कवर फायर देने का एक प्रयास था। उस दिन हवलदार जोतिबा गणपति और उनके साथी एलओसी के पास गुरेज सेक्टर में अग्रिम चौकियों पर तैनात थे। भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया जिसके कारण लंबे समय तक सीमा पार से गोलीबारी हुई जिसमें हवलदार जोतिबा गणपति गंभीर रूप से घायल हुए और शहीद हो गए।
हवलदार जोतिबा गणपति एक बहादुर सैनिक थे जिन्होंने भारतीय सेना की उच्चतम परंपराओं का पालन करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए ।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से हवलदार चौगुले जोतिबा गणपति को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !
हवलदार चौगुले जोतिबा गणपति के परिवार में उनके पिता श्री गणपति, माता श्रीमती वत्सला, पत्नी श्रीमती यशोदा, पुत्र अथर्व और हर्ष और भाई रजनीकांत हैं।




