सूबेदार रमन थापा का जन्म नेपाल के रेपेंदेही जिले के तुलसीपुर गांव में हुआ था । वर्ष 1996 में सेना में शामिल हुए और उन्हें 8 गोरखा राइफल्स (जी आर) की 2/8 जीआर में नियुक्त किया गया यह रेजिमेंट अपने वीर सैनिकों और कई युद्ध कारनामों के लिए जानी जाती है।
2018 तक सूबेदार रमन थापा ने लगभग 22 वर्षों की सेवा पूरी कर ली थी और उनके पास विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में विभिन्न इलाकों और कामकाजी परिस्थितियों में काम करने का अनुभव था।
दिसम्बर 2018 के दौरान सूबेदार रमन थापा की यूनिट 2/8 जीआर को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एलओसी के पास केरन सेक्टर में तैनात किया गया । यूनिट कुपवाड़ा जिले में अग्रिम चौकियों पर तैनात थी और सैनिकों को हाई अलर्ट पर रहना आवश्यक था। उस समय इस क्षेत्र में पाकिस्तानी बलों द्वारा अकारण गोलीबारी की संभावना थी। 21 दिसम्बर २०१८ को सूबेदार रमन थापा को केरन सेक्टर के जुमगुंड इलाके में एलओसी के पास पीर बाबा ग्रहाट में अग्रिम चौकी पर तैनात किया गया था। एलओसी के पास का यह सेक्टर काफी अस्थिर है क्योंकि दुश्मन सेनाएं अक्सर सीमा पार से बिना उकसावे के गोलाबारी करती रहती हैं।
21 दिसम्बर 2018 को पाकिस्तानी सेना की ओर से 2/8 जीआर बटालियन की पीर बाबा ग्राहत पोस्ट के पास स्नाइपर शॉट दागे गए थे। सेना ने उचित तरीके से जवाबी कार्रवाई की जिसके परिणामस्वरूप भारी गोलीबारी हुई। इस गोलीबारी के दौरान सूबेदार रमन थापा गंभीर रूप से घायल हुए और शहीद हो गए। सूबेदार रमन थापा एक बहादुर और प्रतिबद्ध सैनिक थे जिन्होंने 39 साल की उम्र में देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए ।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की ओर से सूबेदार रमन थापा को उनकी पुण्यतिथि पर बारंबार नमन !
सूबेदार रमन थापा के परिवार में उनकी पत्नी और बेटे हैं।




